हिमाचल की रोचक कहानियाँ

कांगड़ा (छेब)

यह माना जाता है की कांगड़ा में एक स्थान (छेब) का नाम छेब इसलिए पड़ा क्योंकि महाभारत के एक पात्र भीम ने अपने फाब्डे से एक बार एक मिट्टी का ढेला निकाल कर फेंका था ! बह मिट्टी का ढेला इतना बड़ा था की एक पूरा स्थान छेब के नाम से प्रसीध है! कांगड़ा में एक मिट्टी के देले को अक्सर छेब कहा जाता है!

Picture of Bheema

छेब के बारे में एक और बात है जो लोक गाथा मे कही जाती है ! ऐसा माना जाता है की यह पूरा स्थान साँपो की बस्ती है! एक राजा ने साँपो के राजा को रहने के लिए यह स्थान दिया था! आज भी यहाँ पर अनेक प्रकार के दुर्लभ साँप देखने को मिल जाते हैं! यहाँ के स्थानीय लोग आज भी इस जगह को साँपो की बस्ती मानते हैं!

nagin in himachal

कुछ लोग आज भी यहाँ इचयाधारी नागिन दिखने की बात करते हैं!

चंबा

story of chamba

इस त्योहार और सुई माता मंदिर के साथ जुड़े कथा इस प्रकार है!

चंबा में एक आयोजित महोत्सव “सूही माता मेला ”के रूप में जाना जाता है। राजा को स्वप्न में एक भविष्यवाणी हुई की यदि रानी या बेटे को कुर्बान कर दिया जाए तो कस्बे में पानी लाया जा सकता है। सरोता नदी के पानी को कस्बे में लाने के लिए और बेटे की जान बचा कर रानी ने अपना बलिदान दिया । कस्बे के लिए दिए अपने बलिदान के कारण ही “सूही माता मेला ”मनाया जाता है!

गुलेर

गुलेर राज्य की स्थापना की कहानी बहुत रोचक है! कांगड़ा का राजा हरी चन्द एक बार शिकार खेलने गया ! अपने सानिको से किसी कारण से अलग हो गया और एक कुएँ में गिर गया ! बहुत प्रयास क बाद भी जब राजा न्ही मिला तो उसे मरा मान कर उसका अंतिम संस्कार मना लिया गया ! रानियाँ सती हो गयीं और छोटा भाई गद्दी पर बैठ गया परंतु इकिस दिन बाद एक ब्यापारी ने राजा को कुएँ से निकाला ! जब राजा ने बापिस आ कर भाई को गद्दी पर बैठा देखा तो उसने भाई को ही गद्दी पर रहने दिया और खुद गुलेर राज्य की स्थापना की!

गुलेर के पास एक स्थान लुन्सु भी है जहाँ नमकीन पानी का स्त्रोत है ! ऐसा माना जाता है की इस पानी के सेबन से विमारिया  दूर हो जाती हैं !

कुल्लू(विजली महादेव)

shiva of himachal

विजली महादेव मंदिर कुल्लू में है ! यहा पर शिवलिंग है जो हर वर्ष आसमानी विजली गिरने से खंडित हो जाता है ! इसे भगवान शिव का आशीर्वाद माना जाता है !  फिर खंडित शिवलिंग को माखन से जोड़ा जाता है !

 

 

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *